Welcome to MangaHelpers! Check out the forums for the latest discussions.
Announcements
One Piece 1
“रोमांस डान”: साहसों की शुरुवात
O.o I'll be damned.What's the length of this chapter?
I've used "माफ़ी" for "Excuse me".If anyone knows any better phrase, tell me, please.
ओन् पीएस (One Piece)
एईकीरो ओडा द्वारा रचित
पाठ १ - “रोमांस डान”: साहसों की शुरुवात
पृष्ठ ०१
बयान: बहुत समय के पहेले, एक महान समुद्री डाकू रहता था ||
बयान: उसका नाम “गोल्ड रोजार” था ||
बयान: वे अस्तित्व हर एक खजाने को जब्त किये थे ||
बयान: उनके अंतिम शब्दों ने पूरे दुनिया के समुद्री डाकुओं प्रेरित कियें थे ||
रोजार: मेरे अति उन्नत खजाने को चाहते हों? यह संभव हैं ||
लोग: हम्फ...
रोजार: उस खजाने को पाने केलिए तुम उसे ढूँढना पड़ेगा || में ने सब कुछ इकट्ठा करके “उस” जगह पर रखा हैं ||
बयान: यह दुनिया//
लोग: हाँ!!
बयान: समुद्री डाकुओं के युग में प्रवेश कर चूका हैं ||
पृष्ठ ०२-०३
पाठ १ - “रोमांस डान”: साहसों की शुरुवात ||
पृष्ठ ०४
बयान: एक छोटी बंदरगाह में//
बयान: करीबन एक साल पहले//
बयान: एक समुद्री डाकुओ का जहाज उस बंदरगाह में आयी हुयी थी ||
बयान: पूर्व समुद्र//
अंजन: अरे लूफी क्या कर रहे हों?
लूफी: हम्फ!
बयान: एक छोटीसी शांत शहर ||
पृष्ठ ०५
लुफी: इस बार मज़ाक नहीं कर रहा हूँ!!// बहुत हो गया!!
बयान: उस शहर में एक बच्चा: मोंकी डी. लूफी ||
लुफी: में तुम सभ लोगों को साबित करके धिका उंगा!!
डाकू: हाहाहाहाहा!! करके धिकाओ!
डाकू: हम भीदेखते हैं तुम क्या कर सखते हो!
डाकू: लूफी फिर से कुछ मजकियाँ करने वाला हैं//
लूफी: आआर्घ!! (दर्द से छीकना)
सारे डाकू: !?
सारे डाकू: क्या...
लूफी: आआआआ!! (दर्द से छीकना)
डाकू: बे..बेवकूफ! कैसे काम कर रहे हों?!
लूफी: आआआआ!! (दर्द से छीकना)
पृष्ठ ०६
सारे डाकू: छलो, पीके जश्न मनाएं!!
सरे डाकू: लूफी के बेवकूफी के लिए//
सरे डाकू: और हमारी महानता के लिए!!
डाकू: गहाहहा! पियों! सब पियों!
डाकू: शराब! शराब! और ज्यादा शराब लाओ!
डाकू: बेवकूफ! वो मेरा मांस है!!
डाकू: छुप रहो! वो मेरा हैं!
डाकू: अरे, बंद करो यार! पीते समय लड़ना शर्मिनदार हैं ||
लूफी: मुझे छोटी सी दर्द भी नहीं हो रही हैं ||
शांक्स(डाकू कप्तान): झूठे! फिर से वैसा मत करना!!
लूफी: मुझे दर्द से बिलकुल डर नहीं लगता!! अग्ली बार मुझे भी समुद्री यात्रा पर ले जाओ!!
लूफी: में भी एक डाकू बनना चाहता हूँ!!
पृष्ठ ०७
शांक्स: तुम डाकू बनने के लायक नहीं हो!!
शांक्स: तैरना नहीं आने वालें डाकू नहीं बन सकते!!
बयान: डाकू कप्तान – “लाल बलों वाला शांक्स”
लूफी: जब तक में जहाज पे ही रहूँगा, तब तक कुछ नहीं होगा!! // बल्कि मेरी ताकत भी अच्छी हैं!
लूफी: में कड़ाई से अभ्यास कर चूका हूँ! // मेरा मुक्का पिस्तौल जितना ताकतवर हैं!!!
पृष्ठ ०८
शांक्स: पिस्तौल? // अरे वह...सच में?
लूफी: मारा ताना बनाराहेहो क्या?!
डाकू: लूफी! नाराज मत हो // कुछ भी खुशी से सामना करने केलिए तैयार होना चाहियें! // हाँ! एक डाकू की जिंदगी भडीयाँ होता हैं! // समुद्र बहुत विशाल और गहरा हैं || तुम किसी टापू पर भी जाके साहस की तलाश कर सकते हों! // आज़ादी से बेहतर कुछ भी नहीं!
शांक्स: वोह सब बाते बताकर उसे ललचाओ मत !
डाकू: पर वोह सब सहीं बाते हैं, नहीं? // सहीं हैं!
पृष्ठ ०९
डाकू: कप्तान, लूफी को हमारे साथ एक बार के लियें लेजाथे हैं, क्यों? // कुछ नहीं होगा! // हाँ सहीं कह रहे हों!
लूफी: हाँ!
शांक्स: अच्छा ठीक हैं, अग्ली बार तुम लोगों मैं से एक को छोडके में लूफी को लेजाऊंगा
डाकू: हम बहुत बकवास कह चुके हैं! चलो पीते हैं!!
लूफी: किस तरह के दोस्त हो तुम लोग!!
शांक्स: सबसे पहले तुम बहुत छोटे हों // कम से कम १० साल बीतने दो, फिर तुह्मे लेजाने के बारेमे सोचूँगा ||
शांक्स: बकवास बंद करो, शांक्स!! मुझे बताने दो!! में अब छोटा बच्चा नहीं हूँ!!
शांक्स: ठीके ठीके, गुस्सा मत हो || ये लो, थोडा सा शरबत पीयो ||
लूफी: अच्छा! शुक्रिया!
शांक्स: देखा! देखा! तुम सछ में एक बच्चे हो!
लूफी: वोह एक घटिया चाल था!
पृष्ठ १०
लूफी: हम्फ!! में बहुत तख् चुका हूँ! // में ने अपने आप को कटा भी था और फिर भी शांक्स नहीं मानेगा!!
बेन बेक्मान: लूफी // तुम को कप्तान के भावनाओं को समझना चाहिए ||
लूफी: शांक्स के भावनाओं को समझना चाहिए?
बेन: हाँ...शांक्स, सब के बाद हमारे कप्तान हैं // वो जानता हैं की डाकू का जिंदगी मझेदार हैं, पर...//
वो यह भी झांता हैं की डाकू की जिंदगी बहुत कठिन हैं ||
लूफी: ?
बेन: समझ रहे हों? // शांक्स जानबूझकर // तुह्मारे डाकू बनने की आशा को चिढाता नहीं हैं ||
लूफी: में समझ नहीं रहां! शांक्स मुझे सिर्फ एक बुद्धू समझता हैं!
शांक्स: तैरना नहीं आता! (चिढाते हुए)
लूफी: देखा!
पृष्ठ ११
माकिनो: कप्तान, आप हमेशा की तरह खुश लग रहे हों ||
शांक्स: हाँ, उसको चिढाने में मुझे बहुत मजा अत हैं ||
लूफी: देखा, वो सछ में बहुत खुश हैं ||
बयान: मधुशाला के मालिका – माकिनो
माकिनो: लूफी, कुछ खाना चाहते हों?
लूफी: जरुर! में तुह्मे खजाना ढूढने के बाद, पैसे दूँगा!
शांक्स: क्या खजाना? तुम सिर्फ झूट बोलते हों ||
लूफी: गलत! में एक डाकू बनके...खजाना ढूढके पैसे दूँगा!
माकिनो: हाहाहा! में इंतजार करती रहूगी!
पृष्ठ १२
लूफी: शांक्स
शांक्स: क्या हैं?
लूफी: और कितने देर यहाँ रहने वाले हों?
शांक्स: वो...हम यहाँ आके // करीबन एक साल हुआ हैं || // और थोड़े बार समुद्री यात्राओ पे जाके इस शहर को छोडके उत्तरी दिशा में जायेंगे ||
लूफी: उम्फ // और थोड़े बार...
माकिनो: ......
लूफी: में तब तक तैरना सीखूंगा!
शांक्स: भडिया! // कामयाब हों!
पृष्ठ १३
सरे डाकू: !
अंजन: माफी!!! हिहिहिहिही...तो, समुद्री डाकू ऐसे होते हैं, क्या? // यह मेरी पहली बार हैं, डाकुओ को देखना || सब के सब बेवकूफ दिख रहे हैं ||
लूफी: ?
माकिनो: ........!
पृष्ठ १४
हिगुमा: हम लुटेरे हैं // हम यहाँ पे कुछ तमाशा करने नहीं आये हैं || हम सिर्फ १० बैरल शराब खरीदने आये हैं ||
बयान: लुटेरों के कप्तान – हिगुमा
माकिनो: मैं आपसे बहुत माफी छाहिती हूँ // क्यों की हमारे पास शराब खतम हो गया हैं ||
हिगुमा: सछ्मे? // फिर यह लोग यहाँ पे क्या पी रहे हैं? // पानी?
माकिनो: वोह शराब हैं, // पर, वोह हमारे आखरी बैरल हैं ||
पृष्ठ १५
शांक्स: माफ़ी चाहता हूँ // दीखता हैं की मेरे आदमियों ने सब कुछ पी लिया || // माफ़ करदो ||
बुरा न मनो तो, // तुम यह आखिरी बोतल ले सकते हों ||
हिगुमा: ........
लूफी: !
डाकू: !!?
पृष्ठ १६
हिगुमा: तझे पता हैं की में कौन हूँ? // में कोई मामूली लूटेरा नहीं हूँ || // एक बोतल काफी नहीं हैं!
शांक्स: अरे-अरे // अब फर्श गीला हो गया ||
हिगुमा: इसे देखो!
चित्र कागज: तलाश हैं – इनाम ८,०००,००० बेली (बेली याने ओन् पीएस के दुनिया में पैसे)
हिगुमा: मेरा सर का इनाम ८० लाख बेली हैं || // में यहाँ के बदमाशों का बदमाश हूँ || // और में ने ५६ लोगों को अभी तक मारडाला हैं // उल्लू के पट्ठे || // अब तुझे पता चलगया की मैं कौन हूँ, फिर से हमारे साथ पंगा मत लेना || // डाकू और लूटेरे दोस्त नहीं हैं ||
शांक्स का हाथ: क्लिंक....
पृष्ठ १७
शांक्स: सब के लिए माफ़ी चाहता हूँ, माकिनो // तुह्मरे पास एक पोछा हैं क्या?
माकिनो: आह...कोई बात नहीं शांक्स, // में पोछा लगालूंगी!
हिगुमा: .........
शांक्स: !
माकिनो: !!!
हिगुमा: लगता हैं की तुह्मे पोछा लगाना पसंद हैं // अब तो तू और भी ज्यादा पोछा लगासकता हैं // हम्फ !!
हिगुमा: बादमे मेलेंगा // डरपोंकों // कैसा भिकारियों का शहर हैं, शराब भी नहीं मिलता // छलो, दूसरे शहर चलते हैं!
माकिनो: क्या आप ठीक हैं, कप्तान?! // छोट तो नहीं लगी?
शांक्स: नहीं, मैं ठीक हूँ // तमाशा खतम!!(भरी साँस लेते हुए)
डाकू: अहाहाहाहा! हमारे कप्तान बवाकुफ़ लग रहे थे! // तुझ को उह्नोने उल्लू बना दी, कप्तान!!
पृष्ठ १९
शांक्स: अहाहाहा!!
लूफी: हस क्यूँ रहे हो?!
शांक्स: क्या?
लूफी: वो सब शर्मिंदा था!!! तुम ने उससे क्यों नहीं लड़ा?! // उनके पास ज्यादा लोग हो तो क्या?! कोई भी चिढाने के बाद नहीं हस्ता! तुम एक आदमी और डाकू नहीं हो!
शांक्स: ........ // देखो, में जनता हूँ की तुम कैसे महसूस कर रहे हों // पर, वो तोह सिर्फ एक शराब की बोतल हैं || उसके लिए लड़ना जरूरी नहीं हैं || // अरे, अभ छोडके मत जाओ, लूफी... ||
शांक्स लूफी का हाथ पकडता हैं
लूफी: में तुह्मे फिर से नहीं देख न छाहता, डरपोक!
पृष्ठ २०
सब लोग: !!!??
लूफी: क्या?
डाकू: क्यां...!!?
शांक्स: उसका हाथ....लंबा हो रहा हैं...!!! // इसका मतलब....!! // नहीं! कहीं...तुह्मने...
डाकू: !!
लूफी: क्या हो रहा हैं?! नहीं!!
डाकू: वो गायब होगया हैं!! // क्या?! // वो रब्बर फल, जिसको हमने दुश्मनों से लिया था, यहाँ पर नहीं हैं!!!! // लूफी, क्या तुह्मने इसको खाया हैं....?!
*कागज पैर एक विचित्र फल का चित्र*
लूफी: ! // ......हाँ, क्या वो मिठाई नहीं हैं......!! // पर, उसका स्वाद कुछ अच्छा नहीं था...
पृष्ठ २१
शांक्स: वो “रब्बर” का फल हैं!! // वो शैतान के फलों में एक हे और समुद्र की खजानों में सबसे विरल हैं! // जो उसे खता हैं, वो रब्बर आदमी बनकर कभी भी तैर नहीं सकता!!
लूफी: क्याआआआआआआआआ!!! तुम मजाक कर रहे होनाआआ?!!
शांक्स: नहीं, बेवकूफ!
बयान: मछली की दुकान
लूफी: हिहिहिहिहिही // में कुछ मछली खरीदना चाहता हूँ!! // दुखान्दार्जी ||
पृष्ठ २२
दुखानदार: अरे, तुम आज बहुत खुश लग रहे हों, लूफी // तो, डाकूओं ने तुह्मे फिरसे छोडके चेलेगाये क्या? // किसी हालत में, अब तुम तेर नहीं सकते ||
लूफी: कोई बात नहीं! में समुद्र में नहीं गिरने वाला डाकू बनूँगा! // रब्बर फल खाने के बाद, // में और भी खुश हूँ!! देखो!!
बुजुर्ग: उसमे क्या खुशी हैं?! शायद पूरा शहर उसे अच्छा समझते हैं, पैर उसमे कुछ भी अच्छा नहीं हैं... // रब्बर आदमी!! (ROBO!? ;))
लोग: महापौर! (Chief!)
महापौर: में तुह्मे फिर से बतारहा हूँ, लूफी डाकू मत बनो!! // अगर तुम डाकू बनगए तो इस शहर का इज्जत बर्बाद हो जायगा!! // शांक्स कप्तान अछे आदमी दिखते हैं, पैर दोबारा उनके पास मत जाना!!
पृष्ठ २३
माकिनो: शांक्स के डाकू शहर छोड़कर काफी समय हो रहाहे, अब // क्या तुम अकेलापन महसूस कर रहे हो?
लूफी: नहीं, में ने उनलोगों लूटेरों को जनेदेने कलिया अभी तक माफ़ नहीं किया हैं! // में ने शांक्स के बारे में कुछ ज्यादा ही सोच्लिया था! // में सिचता था की शांक्स भडिया डाकू हैं // भाई, क्या निराशा हैं!
माकिनो: सछ्मे? में ने सोचह की.... // जो लोग चिढाने पर भी हस सकते हैं, वोह वाकई ताकतवर हैं
लूफी: तुम आदमी नहीं हों, इसलिए वैसा सोचती हो // ऐसे कुछ समय होते हैं जहा आदमी को लड़ना होता ही हे!!
माकिनो: ओह? तो शायद मुझे लड़कों के बारे में कुछ नहीं पता ||
हिगुमा: माफ़ी
माकिनो: ?
पृष्ठ २४
लूफी: !! // अरे....
हिगुमा: अच्छा, लगता हैं की वो घाटियाँ डाकू आज यहाँ नहीं हैं || आह, बहुत शांत महसूस हो रहा हैं // हम वापस आगये // किस के लिए इंतज़ार कर रहीं हो?
माकिनो: !
हिगुमा मेज को मरता हैं ||
हिगुमा: हम यहाँ के ग्राहक हैं!! हमारे लिए शराब लाओ!!!
पृष्ठ २५
माकिनो: महापौर, जल्दी करिये!! कुछ भयानक हुआ हैं!!
महापौर: ! // क्या गडबड हैं, माकिनो? // क्यों छिल्ला रहीं हो?
माकिनो: लूफी को... // लूटेरों ने अपहरण किया हैं.....!!
लूटेरा: वह, क्या दिलचस्प शरीर हैं इसका // हाँ, लगता हैं की मुक्के और लात इस पर काम नहीं करेंगे ||
हिगुमा: ................!!
लोग: ओई, जाके लूफी को बचाओ!! // लेकिन....वो लोग लूटेरे हैं! हम को मार भी सकते हैं!! // और लूफी ने उह्नसे पहले पंगा लिया था!!
पृष्ठ २६
लूफी: धत्त!!! // अभी मुझसे माफ़ी मांगो!!! // हरामखोर!!!
हिगुमा: ओह, एक रब्बर आदमी, आह...? // किसे पता था की एइसे लोग भी इस दुनियां में होते हैं...!?
लूफी: ! // अर्घ!!! // धत्त!!! // एइसे करने के लिए बहुत पश्चाओगे!
हिगुमा: एक अलग इंसान // अगर में इसको सर्कस में बेचूंगा // तो मुझे बहुत सारे पैसे मिलेंगे ||
पृष्ठ २७
लूफी: ये लेह!!
हिगुमा: (ताने से)कितना ताकतवर...// बच्चा है!
लूफी: ! // !!!
हिगुमा: हम तो सिर्फ मौज कर रहे थे पीके और बात कर के... // हम ने एइसा क्या करदियाँ की तुम हमसे गुस्सा हो गए?
लूफी: ......!! हाँ, तुम लोगों ने मुझे गुस्सा दिलाया है!!! // अभी माफ़ी मांगो!!! धत्त!!!
पृष्ठ २८
लोग: लूफी वाकई एक ज़िद्दी बच्चा है // वो क्यों उन लूटेरों से पंगा ले रहा है?
लूफी: धत्तेरिकी! अपना पैर हटाओ!! // धत्तेरिकी, लूटेरे!!
महापौर: बच्चे को जाने दो!! // कृपया!
लूटेरे: !
महापौर: में नहीं जनता की लुफ्फ्य ने क्या किया // और में तार्कि भी नहीं करना चाहता // पर में पैसे देने केलिए तैयार हूँ!! // इसलिए! कृपया, बच्चे को जाने दो!!
लूफी: ! // महापौर!
हिगुमा: हा, जैसे मैंने सोचाथा, बुजुर्ग आगये... // इन लोगों कोई भी स्थिति में सही तरह से बात करना आता हैं ||
पृष्ठ २९
हिगुमा: पर, बहुत देर होगई हे!! // अब इस बच्चे को तुम नहीं बचा सकते // क्यों की इसने मुझे बहुत गुस्सा दिलाया हैं...!! // जब इसके जिअसे बलहीन लोग मेरा अपमान आर्ट हैं, // तब मुह्जे बहुत गुस्सा अत हैं...!!
लूफी: सब तुह्मारी गलती हैं!!! // तू जंगली लंगूर!!!
हिगुमा: ठीक हे, में तुह्मे नहीं बेचूंगा // बल्कि, तुह्मे मार दूँगा!
लूफी: !
माकिनो: लूफी!
महापौर: कृपया!! उसे जाने दीजिए!!
शांक्स: में सोच रहा था की क्यों हमें लेने केलिए कोई भी बंदरगाह में नहीं थे... // तो यह वजह हैं ||
महापौर: !
पृष्ठ ३०
शांक्स: आह, तुम लोग तो उस दिन के लूटेरे हों ||
माकिनो: कप्तान!!
शांक्स: क्या गडबड हैं? क्या तुह्मारा मुक्का पिस्तौल जैसा नहीं हैं?
हिगुमा: ........!!
लूफी: ........!! छुप रहो!!
हिगुमा: डाकू......अभी तक यहीं पे क्यों हों? // इस बार पूरे शहर की पोछा लगाने वाले हो क्या?
लूफी: ...........
हिगुमा: मेरी सलाह मनो और यहाँ से दफा हो जाओ // अगर इससे पास आये तो मुझे सबको मर डालना पड़ेगा, डरपोक ||
पृष्ठ ३१
लूटेरा: सुना नहीं? और पास जाओगे तो मरोगे!
*लूटेरा बन्धूक चलने केलिए तैयार रहता हैं*
लुटेरा: गोली से मारना चाहते हो? हाहाहाहाहा! // हिहिहिहिहिहिहिहिही
शांक्स: क्यकी अब तो तुमने अपने बन्धूक को बाहर निकला हैं, // लगता हैं की हमें अब लड़ना ही पड़ेगा ||
लुटेरा: अरे? क्या कह रहे हो!?
शांक्स: में कह रहा था की इस को लोगों को डराने के लिए मत इस्तमाल करो...
लुटेरा: !
लुटेरें: !!! // नहीं....!!
माकिनो: .............
लूफी: ..........!
लूतेरें: अब तो तू ने शुरू कर दिया, हरामखोर! // धत्तेरिकी.....वो घाटियाँ था!!!
डाकू: घाटियाँ?
बेन: मजाक मत करो // तुम लोगे ने सोचा की हम सन्यास हैं?
पृष्ठ ३३
शांक्स: जो लोग तुह्मरे आगे खड़े हैं, // वो डाकू हैं ||
लूटेरा: ...चुप रह!! यह तुम लोगों का मामला नहीं हैं
शांक्स: ध्यान से सुनो लूटेरों...// तुम लोग मुझ पर खाना या पानी फैंक सकते हो..// या फिर चाहो तो थूक भी सकते हो || में हस कर रोक्सकता हूँ || // ....पर!! // मुझे पर्वा नहीं की तुह्मरे कारण क्या हैं!! // मेरे दोस्तों से पंगा लेने वालों को में बिलकुल माफ़ नहीं करूँगा!!!!
पृष्ठ ३४
लूफी: शांक्स....
हिगुमा: हाहाहाहा! // “बिलकुल माफ़ नहीं करूँगा”!? // तुम डाकू, लोग जो पूरे दिन एक जहाज पह पानी के ऊपर चलते रहते हो // हमको चुनौती दे रहे हो!!!? // हम तुम लोगों को मसल्देंगे!
लुटेरें: हाँ!!!!! // खतम हो जाओ!!
बेन: मुझे इससे निपट लेने दो // ....में, इन सभीको संभाल सकता हूँ!
पृष्ठ ३५
लुटेरा: ! (बेन उसके चहरे पे सिगार रखता है) // नहीं!!!!!!!!!!(बेन उसको बन्धूक से मरता है) // येलोह!!!
पृष्ठ ३६
*बेन दूसरी सिगार जलाता है*
बेन: अपने अप को बढे ताकतवर मत समझो, लूटेरों! // हमसे लड़ना चाहते हो तो, // नाऊ सेना के बेडों को सात में लाओ
लूतेरें: ............!!
लूफी: ......भडिया....
माकिनो: शान्दार.....
हिगुमा: ......अरे! // रुको...इस लड़के ने पहले हमसे पंगा लिया था! // कोई बात नहीं, कम से कम तेरे सर पर इनाम तो हैं ||
हिगुमा: .............
पृष्ठ ३७
हिगुमा: हम्फ!
डाकू: !?
शांक्स: धुआ का बम!!!
हिगुमा: मेरे साथ आओ, बच्चे!!!
लूफी: उवा! धत्तेरिकी! मुझे छोडो!
शांक्स: लूफी! // ओह, नहीं! हम लापरवाह होगये!! उसने लूफी को अपने साथ ले गया! अब क्या करें!?
डाकू: कप्तान, घबराओ मत, हम सब अलग-अलग जाके लूफी कोढूँढ़ते हैं!!
बेन: .......हमारे // कप्तान भी न...
पृष्ठ ३८
हिगुमा: हाहाहाहा!!! // लगता हैं की में बछ्गाया!! // कौन सोचेगा की एक लूटेरा नाव से भागाजयेगा!? // तो, में ने तुह्मे सिर्फ एक बंधक की तरह इस्तमाल किया था // लेकिन, अब तुम मेरे लिए बेकार हो! // में ने आज से पहले ५६ लोगों को मारडाला हैं, जानते हो न // मर्जाओ!!
लूफी: .........!!
हिगुमा: हा! // छुटकारा मिल गया
लूफी: ..........!!!
पृष्ठ ३९
लूफी: धत्त!! // धत्त!!
हिगुमा: छुटकू...
लूफी: तू ने डाकुओं को डरपोक बुलाया!! // पर तुझे इनसे लड़ने की हिम्मत नहीं हैं!! धत्त!!! // ......!! // ......धत्त!!!
हिगुमा: हाहाहाहा!
लूटेरे: उस दिन उन डाकुओं के चेरें याद हैं? // बोतल को उस पैर मरने पर भी उसने कुछ नहीं कहा!! // क्या डरपोक है! हाहाहाहाहाहा!!
हिगुमा: जब मुझे उसकी तरह के डरपोक दीखते हैं, // मुझे बहुत गुस्सा आता हैं // में उसे सछ्मे मारना चाहता था || // डाकुओं को सिर्फ नाटक करना आता हैं!
लूफी: बकवास बंद कर!!!
हिगुमा: क्या?!
लूफी: शांक्स डरपोक नहीं हैं!!! उसे इतनी आसानी से मत लो!!
माकिनो: जाने दो, लूफी!!
लूफी: शांक्स को डरपोक मत कहो!!!!
पृष्ठ ४०
हिगुमा: हाहाहाहाहाहाहाहाहा!!!
लूफी: !!!?
समुद्री जानवर: ग्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र..............
हिगुमा: क्या? // यह कहाँ से आगया...?!! // नहीं!!!!!!!!!!!!!!!!!!
पृष्ठ ४१
लूफी: कोई...!!! // को....ई... मुझे.... बचाओ....!!
जानवर: याआआआआ
लूफी: .........!! शांक्स!
पृष्ठ ४२
शांक्स: दफा होजाओ
लूफी: .................!! ....................!!!
पृष्ठ ४३
शांक्स: शुक्रिया, लूफी // माकिनो ने मुझे सब कुछ बताया हैं
लूफी: *रोना*!! // *रोना*....
शांक्स: हमारे लिए लड़ने केलिए शुक्रिया! // ओह, अब भस भी करो ||
लूफी: ....लेकिन......!!!.........!!! // शांक्स.........!! ..................!!! // आपका हाथ!!!
पृष्ठ ४४
शांक्स: कुछ भी नहीं // एक हाथ तुह्मरे जान से // कीमती नहीं हैं ||
लूफी: उवा........!!..........!!........उ.....!! // उवाआआआआआआआआआआआआआआआ
बयान: शांक्स लूफी को अपने साथ नहीं लेजाने का कारण // यह हे की समुद्र भयानक जगह हैं // उसको इंसान नियंत्रण नहीं कर सकता // पर लूफी शांक्स की महानता समझता हैं // और उस की तरह भविष्य में बनना चाहता हैं ||
पृष्ठ ४५
लूफी: अब सचमे जा रहे हो?
शांक्स: हाँ // हम यहाँ काफी समय से रह चुके हैं || अब चलने की समय आ गया हैं || // क्या तुम निराश हो?
लूफी: हाँ..., पर // में इसबार तुह्मे मुझे अपने साथ लेजाने केलिए नहीं कहूँगा // में अपने बल-बूते पर एक डाकू बनूंगा!
शांक्स: हेह, अगर तुम भिक मांगते भी, में तुह्मे नहीं लेजाता // तुह्मरे पास डाकू बनने के गुण नहीं हैं!!!
लूफी: नहीं, मेरे पास हैं!!!! // एक दिन, में अपने आप केलिए एक कर्मीदल ढूंढूंगा जो तुह्मरे कर्मीदल जितना ताकतवर हैं!! // और फिर, में इस दुनियां का सबसे बड़ा खजाना ढूंढूंगा!
पृष्ठ ४६
लूफी: उसके बाद में डाकूओं का राजा बनूँगा!!!
शांक्स: ओह, तो तुम हमसे भी बहेतर बनना चाहते हो, क्या? // ......... // तो फिर, ठीक हैं...// यह टोपी // तुह्मारेलिये मेरा तोफा हैं ||
लूफी: !
पृष्ठ ४७
शांक्स: यह मेरी सबसे पसंदीदा टोपी हे, जानते हो ||
लूफी: ..............!!
शांक्स: जब तुम भविष्य में डाकूओं के रजा बनोगे, // तब उस टोपी को मुझे लौटा देना ||
बेन: लूफी बहुत बड़ा डाकू बनेगा ||
शांक्स: जनता हूँ // क्यों की, लूफी मुझे अपनी बचपन याद दिलाता हैं// लंगर को ऊपर खींचो!!!! // रवाना होजाओ!!!
बयान: एइसे, लूफी की साहसिक यात्रा // १० साल बाद शुरू हुआ ||
पृष्ठ ४८
बयान: १० साल के बाद ||
माकिनो: आखिरमे उसने अपनी यात्रा शुरू खर्हीलिया, महापौर // उसकी याद आयेगी ||
महापौर: वो सिर्फ इस शहर की इज्जत खराब करेगा!
लोग: मैंने कभी नहीं सोचा की वो सच में अपनी यात्रा शुरू करेगा ||
लूफी: आह... // आज मौसम भडिया हैं!
*गावक गावक*
पृष्ठ ४९
वहीँ जानवर: ग्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र........
लूफी: उवः! // में तेरा इंतजार कर रहा था, समुद्री जानवर!! // आज तुह्मरे लिए बदकिस्मत दिन हैं // में तुह्मे अपने १० साल की मेहनत दिखाने वाला हूँ! // रब्बर......
पृष्ठ ५०
.....पिस्तौल!!!
पृष्ठ ५१
लूफी: कैसा लगा? बेवकूफ मछली! // हेह! // हिहिहिही...!! // मुझे पहले कुछ दोस्तों को ढूँढना हैं // में आशा करता हूँ की में कम से कम १० दोस्तों को ढूंढूंगा!! // और फिर, मुझे एक डाकू झंडा भी बनाना हैं!!
पृष्ठ ५२
लूफी: ठीके, चलो चलते हैं! // में बनूंगा // डाकूओं का राजा!!!!
बयान: बिना किसी दोस्तों के, लूफी एक छोटी सी नाव में रवाना होता हैं !! // बहुत लंबी यात्रा शुरू हुआ हैं!!!
Thanks for reading it if you did.
नोट्स: यह यात्रा ७०० पाठ से भी लंबी हैं :P
आशा करता हूँ की आप लोगों को मेरी अनुवादन पसंद आयी होगी ||
I've used "माफ़ी" for "Excuse me".If anyone knows any better phrase, tell me, please.
Anyway, free to use in scanlation IF AT ALL you want to use :p.Just send a PM ;)
ओन् पीएस (One Piece)
एईकीरो ओडा द्वारा रचित
पाठ १ - “रोमांस डान”: साहसों की शुरुवात
पृष्ठ ०१
बयान: बहुत समय के पहेले, एक महान समुद्री डाकू रहता था ||
बयान: उसका नाम “गोल्ड रोजार” था ||
बयान: वे अस्तित्व हर एक खजाने को जब्त किये थे ||
बयान: उनके अंतिम शब्दों ने पूरे दुनिया के समुद्री डाकुओं प्रेरित कियें थे ||
रोजार: मेरे अति उन्नत खजाने को चाहते हों? यह संभव हैं ||
लोग: हम्फ...
रोजार: उस खजाने को पाने केलिए तुम उसे ढूँढना पड़ेगा || में ने सब कुछ इकट्ठा करके “उस” जगह पर रखा हैं ||
बयान: यह दुनिया//
लोग: हाँ!!
बयान: समुद्री डाकुओं के युग में प्रवेश कर चूका हैं ||
पृष्ठ ०२-०३
पाठ १ - “रोमांस डान”: साहसों की शुरुवात ||
पृष्ठ ०४
बयान: एक छोटी बंदरगाह में//
बयान: करीबन एक साल पहले//
बयान: एक समुद्री डाकुओ का जहाज उस बंदरगाह में आयी हुयी थी ||
बयान: पूर्व समुद्र//
अंजन: अरे लूफी क्या कर रहे हों?
लूफी: हम्फ!
बयान: एक छोटीसी शांत शहर ||
पृष्ठ ०५
लुफी: इस बार मज़ाक नहीं कर रहा हूँ!!// बहुत हो गया!!
बयान: उस शहर में एक बच्चा: मोंकी डी. लूफी ||
लुफी: में तुम सभ लोगों को साबित करके धिका उंगा!!
डाकू: हाहाहाहाहा!! करके धिकाओ!
डाकू: हम भीदेखते हैं तुम क्या कर सखते हो!
डाकू: लूफी फिर से कुछ मजकियाँ करने वाला हैं//
लूफी: आआर्घ!! (दर्द से छीकना)
सारे डाकू: !?
सारे डाकू: क्या...
लूफी: आआआआ!! (दर्द से छीकना)
डाकू: बे..बेवकूफ! कैसे काम कर रहे हों?!
लूफी: आआआआ!! (दर्द से छीकना)
पृष्ठ ०६
सारे डाकू: छलो, पीके जश्न मनाएं!!
सरे डाकू: लूफी के बेवकूफी के लिए//
सरे डाकू: और हमारी महानता के लिए!!
डाकू: गहाहहा! पियों! सब पियों!
डाकू: शराब! शराब! और ज्यादा शराब लाओ!
डाकू: बेवकूफ! वो मेरा मांस है!!
डाकू: छुप रहो! वो मेरा हैं!
डाकू: अरे, बंद करो यार! पीते समय लड़ना शर्मिनदार हैं ||
लूफी: मुझे छोटी सी दर्द भी नहीं हो रही हैं ||
शांक्स(डाकू कप्तान): झूठे! फिर से वैसा मत करना!!
लूफी: मुझे दर्द से बिलकुल डर नहीं लगता!! अग्ली बार मुझे भी समुद्री यात्रा पर ले जाओ!!
लूफी: में भी एक डाकू बनना चाहता हूँ!!
पृष्ठ ०७
शांक्स: तुम डाकू बनने के लायक नहीं हो!!
शांक्स: तैरना नहीं आने वालें डाकू नहीं बन सकते!!
बयान: डाकू कप्तान – “लाल बलों वाला शांक्स”
लूफी: जब तक में जहाज पे ही रहूँगा, तब तक कुछ नहीं होगा!! // बल्कि मेरी ताकत भी अच्छी हैं!
लूफी: में कड़ाई से अभ्यास कर चूका हूँ! // मेरा मुक्का पिस्तौल जितना ताकतवर हैं!!!
पृष्ठ ०८
शांक्स: पिस्तौल? // अरे वह...सच में?
लूफी: मारा ताना बनाराहेहो क्या?!
डाकू: लूफी! नाराज मत हो // कुछ भी खुशी से सामना करने केलिए तैयार होना चाहियें! // हाँ! एक डाकू की जिंदगी भडीयाँ होता हैं! // समुद्र बहुत विशाल और गहरा हैं || तुम किसी टापू पर भी जाके साहस की तलाश कर सकते हों! // आज़ादी से बेहतर कुछ भी नहीं!
शांक्स: वोह सब बाते बताकर उसे ललचाओ मत !
डाकू: पर वोह सब सहीं बाते हैं, नहीं? // सहीं हैं!
पृष्ठ ०९
डाकू: कप्तान, लूफी को हमारे साथ एक बार के लियें लेजाथे हैं, क्यों? // कुछ नहीं होगा! // हाँ सहीं कह रहे हों!
लूफी: हाँ!
शांक्स: अच्छा ठीक हैं, अग्ली बार तुम लोगों मैं से एक को छोडके में लूफी को लेजाऊंगा
डाकू: हम बहुत बकवास कह चुके हैं! चलो पीते हैं!!
लूफी: किस तरह के दोस्त हो तुम लोग!!
शांक्स: सबसे पहले तुम बहुत छोटे हों // कम से कम १० साल बीतने दो, फिर तुह्मे लेजाने के बारेमे सोचूँगा ||
शांक्स: बकवास बंद करो, शांक्स!! मुझे बताने दो!! में अब छोटा बच्चा नहीं हूँ!!
शांक्स: ठीके ठीके, गुस्सा मत हो || ये लो, थोडा सा शरबत पीयो ||
लूफी: अच्छा! शुक्रिया!
शांक्स: देखा! देखा! तुम सछ में एक बच्चे हो!
लूफी: वोह एक घटिया चाल था!
पृष्ठ १०
लूफी: हम्फ!! में बहुत तख् चुका हूँ! // में ने अपने आप को कटा भी था और फिर भी शांक्स नहीं मानेगा!!
बेन बेक्मान: लूफी // तुम को कप्तान के भावनाओं को समझना चाहिए ||
लूफी: शांक्स के भावनाओं को समझना चाहिए?
बेन: हाँ...शांक्स, सब के बाद हमारे कप्तान हैं // वो जानता हैं की डाकू का जिंदगी मझेदार हैं, पर...//
वो यह भी झांता हैं की डाकू की जिंदगी बहुत कठिन हैं ||
लूफी: ?
बेन: समझ रहे हों? // शांक्स जानबूझकर // तुह्मारे डाकू बनने की आशा को चिढाता नहीं हैं ||
लूफी: में समझ नहीं रहां! शांक्स मुझे सिर्फ एक बुद्धू समझता हैं!
शांक्स: तैरना नहीं आता! (चिढाते हुए)
लूफी: देखा!
पृष्ठ ११
माकिनो: कप्तान, आप हमेशा की तरह खुश लग रहे हों ||
शांक्स: हाँ, उसको चिढाने में मुझे बहुत मजा अत हैं ||
लूफी: देखा, वो सछ में बहुत खुश हैं ||
बयान: मधुशाला के मालिका – माकिनो
माकिनो: लूफी, कुछ खाना चाहते हों?
लूफी: जरुर! में तुह्मे खजाना ढूढने के बाद, पैसे दूँगा!
शांक्स: क्या खजाना? तुम सिर्फ झूट बोलते हों ||
लूफी: गलत! में एक डाकू बनके...खजाना ढूढके पैसे दूँगा!
माकिनो: हाहाहा! में इंतजार करती रहूगी!
पृष्ठ १२
लूफी: शांक्स
शांक्स: क्या हैं?
लूफी: और कितने देर यहाँ रहने वाले हों?
शांक्स: वो...हम यहाँ आके // करीबन एक साल हुआ हैं || // और थोड़े बार समुद्री यात्राओ पे जाके इस शहर को छोडके उत्तरी दिशा में जायेंगे ||
लूफी: उम्फ // और थोड़े बार...
माकिनो: ......
लूफी: में तब तक तैरना सीखूंगा!
शांक्स: भडिया! // कामयाब हों!
पृष्ठ १३
सरे डाकू: !
अंजन: माफी!!! हिहिहिहिही...तो, समुद्री डाकू ऐसे होते हैं, क्या? // यह मेरी पहली बार हैं, डाकुओ को देखना || सब के सब बेवकूफ दिख रहे हैं ||
लूफी: ?
माकिनो: ........!
पृष्ठ १४
हिगुमा: हम लुटेरे हैं // हम यहाँ पे कुछ तमाशा करने नहीं आये हैं || हम सिर्फ १० बैरल शराब खरीदने आये हैं ||
बयान: लुटेरों के कप्तान – हिगुमा
माकिनो: मैं आपसे बहुत माफी छाहिती हूँ // क्यों की हमारे पास शराब खतम हो गया हैं ||
हिगुमा: सछ्मे? // फिर यह लोग यहाँ पे क्या पी रहे हैं? // पानी?
माकिनो: वोह शराब हैं, // पर, वोह हमारे आखरी बैरल हैं ||
पृष्ठ १५
शांक्स: माफ़ी चाहता हूँ // दीखता हैं की मेरे आदमियों ने सब कुछ पी लिया || // माफ़ करदो ||
बुरा न मनो तो, // तुम यह आखिरी बोतल ले सकते हों ||
हिगुमा: ........
लूफी: !
डाकू: !!?
पृष्ठ १६
हिगुमा: तझे पता हैं की में कौन हूँ? // में कोई मामूली लूटेरा नहीं हूँ || // एक बोतल काफी नहीं हैं!
शांक्स: अरे-अरे // अब फर्श गीला हो गया ||
हिगुमा: इसे देखो!
चित्र कागज: तलाश हैं – इनाम ८,०००,००० बेली (बेली याने ओन् पीएस के दुनिया में पैसे)
हिगुमा: मेरा सर का इनाम ८० लाख बेली हैं || // में यहाँ के बदमाशों का बदमाश हूँ || // और में ने ५६ लोगों को अभी तक मारडाला हैं // उल्लू के पट्ठे || // अब तुझे पता चलगया की मैं कौन हूँ, फिर से हमारे साथ पंगा मत लेना || // डाकू और लूटेरे दोस्त नहीं हैं ||
शांक्स का हाथ: क्लिंक....
पृष्ठ १७
शांक्स: सब के लिए माफ़ी चाहता हूँ, माकिनो // तुह्मरे पास एक पोछा हैं क्या?
माकिनो: आह...कोई बात नहीं शांक्स, // में पोछा लगालूंगी!
हिगुमा: .........
शांक्स: !
माकिनो: !!!
हिगुमा: लगता हैं की तुह्मे पोछा लगाना पसंद हैं // अब तो तू और भी ज्यादा पोछा लगासकता हैं // हम्फ !!
हिगुमा: बादमे मेलेंगा // डरपोंकों // कैसा भिकारियों का शहर हैं, शराब भी नहीं मिलता // छलो, दूसरे शहर चलते हैं!
माकिनो: क्या आप ठीक हैं, कप्तान?! // छोट तो नहीं लगी?
शांक्स: नहीं, मैं ठीक हूँ // तमाशा खतम!!(भरी साँस लेते हुए)
डाकू: अहाहाहाहा! हमारे कप्तान बवाकुफ़ लग रहे थे! // तुझ को उह्नोने उल्लू बना दी, कप्तान!!
पृष्ठ १९
शांक्स: अहाहाहा!!
लूफी: हस क्यूँ रहे हो?!
शांक्स: क्या?
लूफी: वो सब शर्मिंदा था!!! तुम ने उससे क्यों नहीं लड़ा?! // उनके पास ज्यादा लोग हो तो क्या?! कोई भी चिढाने के बाद नहीं हस्ता! तुम एक आदमी और डाकू नहीं हो!
शांक्स: ........ // देखो, में जनता हूँ की तुम कैसे महसूस कर रहे हों // पर, वो तोह सिर्फ एक शराब की बोतल हैं || उसके लिए लड़ना जरूरी नहीं हैं || // अरे, अभ छोडके मत जाओ, लूफी... ||
शांक्स लूफी का हाथ पकडता हैं
लूफी: में तुह्मे फिर से नहीं देख न छाहता, डरपोक!
पृष्ठ २०
सब लोग: !!!??
लूफी: क्या?
डाकू: क्यां...!!?
शांक्स: उसका हाथ....लंबा हो रहा हैं...!!! // इसका मतलब....!! // नहीं! कहीं...तुह्मने...
डाकू: !!
लूफी: क्या हो रहा हैं?! नहीं!!
डाकू: वो गायब होगया हैं!! // क्या?! // वो रब्बर फल, जिसको हमने दुश्मनों से लिया था, यहाँ पर नहीं हैं!!!! // लूफी, क्या तुह्मने इसको खाया हैं....?!
*कागज पैर एक विचित्र फल का चित्र*
लूफी: ! // ......हाँ, क्या वो मिठाई नहीं हैं......!! // पर, उसका स्वाद कुछ अच्छा नहीं था...
पृष्ठ २१
शांक्स: वो “रब्बर” का फल हैं!! // वो शैतान के फलों में एक हे और समुद्र की खजानों में सबसे विरल हैं! // जो उसे खता हैं, वो रब्बर आदमी बनकर कभी भी तैर नहीं सकता!!
लूफी: क्याआआआआआआआआ!!! तुम मजाक कर रहे होनाआआ?!!
शांक्स: नहीं, बेवकूफ!
बयान: मछली की दुकान
लूफी: हिहिहिहिहिही // में कुछ मछली खरीदना चाहता हूँ!! // दुखान्दार्जी ||
पृष्ठ २२
दुखानदार: अरे, तुम आज बहुत खुश लग रहे हों, लूफी // तो, डाकूओं ने तुह्मे फिरसे छोडके चेलेगाये क्या? // किसी हालत में, अब तुम तेर नहीं सकते ||
लूफी: कोई बात नहीं! में समुद्र में नहीं गिरने वाला डाकू बनूँगा! // रब्बर फल खाने के बाद, // में और भी खुश हूँ!! देखो!!
बुजुर्ग: उसमे क्या खुशी हैं?! शायद पूरा शहर उसे अच्छा समझते हैं, पैर उसमे कुछ भी अच्छा नहीं हैं... // रब्बर आदमी!! (ROBO!? ;))
लोग: महापौर! (Chief!)
महापौर: में तुह्मे फिर से बतारहा हूँ, लूफी डाकू मत बनो!! // अगर तुम डाकू बनगए तो इस शहर का इज्जत बर्बाद हो जायगा!! // शांक्स कप्तान अछे आदमी दिखते हैं, पैर दोबारा उनके पास मत जाना!!
पृष्ठ २३
माकिनो: शांक्स के डाकू शहर छोड़कर काफी समय हो रहाहे, अब // क्या तुम अकेलापन महसूस कर रहे हो?
लूफी: नहीं, में ने उनलोगों लूटेरों को जनेदेने कलिया अभी तक माफ़ नहीं किया हैं! // में ने शांक्स के बारे में कुछ ज्यादा ही सोच्लिया था! // में सिचता था की शांक्स भडिया डाकू हैं // भाई, क्या निराशा हैं!
माकिनो: सछ्मे? में ने सोचह की.... // जो लोग चिढाने पर भी हस सकते हैं, वोह वाकई ताकतवर हैं
लूफी: तुम आदमी नहीं हों, इसलिए वैसा सोचती हो // ऐसे कुछ समय होते हैं जहा आदमी को लड़ना होता ही हे!!
माकिनो: ओह? तो शायद मुझे लड़कों के बारे में कुछ नहीं पता ||
हिगुमा: माफ़ी
माकिनो: ?
पृष्ठ २४
लूफी: !! // अरे....
हिगुमा: अच्छा, लगता हैं की वो घाटियाँ डाकू आज यहाँ नहीं हैं || आह, बहुत शांत महसूस हो रहा हैं // हम वापस आगये // किस के लिए इंतज़ार कर रहीं हो?
माकिनो: !
हिगुमा मेज को मरता हैं ||
हिगुमा: हम यहाँ के ग्राहक हैं!! हमारे लिए शराब लाओ!!!
पृष्ठ २५
माकिनो: महापौर, जल्दी करिये!! कुछ भयानक हुआ हैं!!
महापौर: ! // क्या गडबड हैं, माकिनो? // क्यों छिल्ला रहीं हो?
माकिनो: लूफी को... // लूटेरों ने अपहरण किया हैं.....!!
लूटेरा: वह, क्या दिलचस्प शरीर हैं इसका // हाँ, लगता हैं की मुक्के और लात इस पर काम नहीं करेंगे ||
हिगुमा: ................!!
लोग: ओई, जाके लूफी को बचाओ!! // लेकिन....वो लोग लूटेरे हैं! हम को मार भी सकते हैं!! // और लूफी ने उह्नसे पहले पंगा लिया था!!
पृष्ठ २६
लूफी: धत्त!!! // अभी मुझसे माफ़ी मांगो!!! // हरामखोर!!!
हिगुमा: ओह, एक रब्बर आदमी, आह...? // किसे पता था की एइसे लोग भी इस दुनियां में होते हैं...!?
लूफी: ! // अर्घ!!! // धत्त!!! // एइसे करने के लिए बहुत पश्चाओगे!
हिगुमा: एक अलग इंसान // अगर में इसको सर्कस में बेचूंगा // तो मुझे बहुत सारे पैसे मिलेंगे ||
पृष्ठ २७
लूफी: ये लेह!!
हिगुमा: (ताने से)कितना ताकतवर...// बच्चा है!
लूफी: ! // !!!
हिगुमा: हम तो सिर्फ मौज कर रहे थे पीके और बात कर के... // हम ने एइसा क्या करदियाँ की तुम हमसे गुस्सा हो गए?
लूफी: ......!! हाँ, तुम लोगों ने मुझे गुस्सा दिलाया है!!! // अभी माफ़ी मांगो!!! धत्त!!!
पृष्ठ २८
लोग: लूफी वाकई एक ज़िद्दी बच्चा है // वो क्यों उन लूटेरों से पंगा ले रहा है?
लूफी: धत्तेरिकी! अपना पैर हटाओ!! // धत्तेरिकी, लूटेरे!!
महापौर: बच्चे को जाने दो!! // कृपया!
लूटेरे: !
महापौर: में नहीं जनता की लुफ्फ्य ने क्या किया // और में तार्कि भी नहीं करना चाहता // पर में पैसे देने केलिए तैयार हूँ!! // इसलिए! कृपया, बच्चे को जाने दो!!
लूफी: ! // महापौर!
हिगुमा: हा, जैसे मैंने सोचाथा, बुजुर्ग आगये... // इन लोगों कोई भी स्थिति में सही तरह से बात करना आता हैं ||
पृष्ठ २९
हिगुमा: पर, बहुत देर होगई हे!! // अब इस बच्चे को तुम नहीं बचा सकते // क्यों की इसने मुझे बहुत गुस्सा दिलाया हैं...!! // जब इसके जिअसे बलहीन लोग मेरा अपमान आर्ट हैं, // तब मुह्जे बहुत गुस्सा अत हैं...!!
लूफी: सब तुह्मारी गलती हैं!!! // तू जंगली लंगूर!!!
हिगुमा: ठीक हे, में तुह्मे नहीं बेचूंगा // बल्कि, तुह्मे मार दूँगा!
लूफी: !
माकिनो: लूफी!
महापौर: कृपया!! उसे जाने दीजिए!!
शांक्स: में सोच रहा था की क्यों हमें लेने केलिए कोई भी बंदरगाह में नहीं थे... // तो यह वजह हैं ||
महापौर: !
पृष्ठ ३०
शांक्स: आह, तुम लोग तो उस दिन के लूटेरे हों ||
माकिनो: कप्तान!!
शांक्स: क्या गडबड हैं? क्या तुह्मारा मुक्का पिस्तौल जैसा नहीं हैं?
हिगुमा: ........!!
लूफी: ........!! छुप रहो!!
हिगुमा: डाकू......अभी तक यहीं पे क्यों हों? // इस बार पूरे शहर की पोछा लगाने वाले हो क्या?
लूफी: ...........
हिगुमा: मेरी सलाह मनो और यहाँ से दफा हो जाओ // अगर इससे पास आये तो मुझे सबको मर डालना पड़ेगा, डरपोक ||
पृष्ठ ३१
लूटेरा: सुना नहीं? और पास जाओगे तो मरोगे!
*लूटेरा बन्धूक चलने केलिए तैयार रहता हैं*
लुटेरा: गोली से मारना चाहते हो? हाहाहाहाहा! // हिहिहिहिहिहिहिहिही
शांक्स: क्यकी अब तो तुमने अपने बन्धूक को बाहर निकला हैं, // लगता हैं की हमें अब लड़ना ही पड़ेगा ||
लुटेरा: अरे? क्या कह रहे हो!?
शांक्स: में कह रहा था की इस को लोगों को डराने के लिए मत इस्तमाल करो...
लुटेरा: !
लुटेरें: !!! // नहीं....!!
माकिनो: .............
लूफी: ..........!
लूतेरें: अब तो तू ने शुरू कर दिया, हरामखोर! // धत्तेरिकी.....वो घाटियाँ था!!!
डाकू: घाटियाँ?
बेन: मजाक मत करो // तुम लोगे ने सोचा की हम सन्यास हैं?
पृष्ठ ३३
शांक्स: जो लोग तुह्मरे आगे खड़े हैं, // वो डाकू हैं ||
लूटेरा: ...चुप रह!! यह तुम लोगों का मामला नहीं हैं
शांक्स: ध्यान से सुनो लूटेरों...// तुम लोग मुझ पर खाना या पानी फैंक सकते हो..// या फिर चाहो तो थूक भी सकते हो || में हस कर रोक्सकता हूँ || // ....पर!! // मुझे पर्वा नहीं की तुह्मरे कारण क्या हैं!! // मेरे दोस्तों से पंगा लेने वालों को में बिलकुल माफ़ नहीं करूँगा!!!!
पृष्ठ ३४
लूफी: शांक्स....
हिगुमा: हाहाहाहा! // “बिलकुल माफ़ नहीं करूँगा”!? // तुम डाकू, लोग जो पूरे दिन एक जहाज पह पानी के ऊपर चलते रहते हो // हमको चुनौती दे रहे हो!!!? // हम तुम लोगों को मसल्देंगे!
लुटेरें: हाँ!!!!! // खतम हो जाओ!!
बेन: मुझे इससे निपट लेने दो // ....में, इन सभीको संभाल सकता हूँ!
पृष्ठ ३५
लुटेरा: ! (बेन उसके चहरे पे सिगार रखता है) // नहीं!!!!!!!!!!(बेन उसको बन्धूक से मरता है) // येलोह!!!
पृष्ठ ३६
*बेन दूसरी सिगार जलाता है*
बेन: अपने अप को बढे ताकतवर मत समझो, लूटेरों! // हमसे लड़ना चाहते हो तो, // नाऊ सेना के बेडों को सात में लाओ
लूतेरें: ............!!
लूफी: ......भडिया....
माकिनो: शान्दार.....
हिगुमा: ......अरे! // रुको...इस लड़के ने पहले हमसे पंगा लिया था! // कोई बात नहीं, कम से कम तेरे सर पर इनाम तो हैं ||
हिगुमा: .............
पृष्ठ ३७
हिगुमा: हम्फ!
डाकू: !?
शांक्स: धुआ का बम!!!
हिगुमा: मेरे साथ आओ, बच्चे!!!
लूफी: उवा! धत्तेरिकी! मुझे छोडो!
शांक्स: लूफी! // ओह, नहीं! हम लापरवाह होगये!! उसने लूफी को अपने साथ ले गया! अब क्या करें!?
डाकू: कप्तान, घबराओ मत, हम सब अलग-अलग जाके लूफी कोढूँढ़ते हैं!!
बेन: .......हमारे // कप्तान भी न...
पृष्ठ ३८
हिगुमा: हाहाहाहा!!! // लगता हैं की में बछ्गाया!! // कौन सोचेगा की एक लूटेरा नाव से भागाजयेगा!? // तो, में ने तुह्मे सिर्फ एक बंधक की तरह इस्तमाल किया था // लेकिन, अब तुम मेरे लिए बेकार हो! // में ने आज से पहले ५६ लोगों को मारडाला हैं, जानते हो न // मर्जाओ!!
लूफी: .........!!
हिगुमा: हा! // छुटकारा मिल गया
लूफी: ..........!!!
पृष्ठ ३९
लूफी: धत्त!! // धत्त!!
हिगुमा: छुटकू...
लूफी: तू ने डाकुओं को डरपोक बुलाया!! // पर तुझे इनसे लड़ने की हिम्मत नहीं हैं!! धत्त!!! // ......!! // ......धत्त!!!
हिगुमा: हाहाहाहा!
लूटेरे: उस दिन उन डाकुओं के चेरें याद हैं? // बोतल को उस पैर मरने पर भी उसने कुछ नहीं कहा!! // क्या डरपोक है! हाहाहाहाहाहा!!
हिगुमा: जब मुझे उसकी तरह के डरपोक दीखते हैं, // मुझे बहुत गुस्सा आता हैं // में उसे सछ्मे मारना चाहता था || // डाकुओं को सिर्फ नाटक करना आता हैं!
लूफी: बकवास बंद कर!!!
हिगुमा: क्या?!
लूफी: शांक्स डरपोक नहीं हैं!!! उसे इतनी आसानी से मत लो!!
माकिनो: जाने दो, लूफी!!
लूफी: शांक्स को डरपोक मत कहो!!!!
पृष्ठ ४०
हिगुमा: हाहाहाहाहाहाहाहाहा!!!
लूफी: !!!?
समुद्री जानवर: ग्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र..............
हिगुमा: क्या? // यह कहाँ से आगया...?!! // नहीं!!!!!!!!!!!!!!!!!!
पृष्ठ ४१
लूफी: कोई...!!! // को....ई... मुझे.... बचाओ....!!
जानवर: याआआआआ
लूफी: .........!! शांक्स!
पृष्ठ ४२
शांक्स: दफा होजाओ
लूफी: .................!! ....................!!!
पृष्ठ ४३
शांक्स: शुक्रिया, लूफी // माकिनो ने मुझे सब कुछ बताया हैं
लूफी: *रोना*!! // *रोना*....
शांक्स: हमारे लिए लड़ने केलिए शुक्रिया! // ओह, अब भस भी करो ||
लूफी: ....लेकिन......!!!.........!!! // शांक्स.........!! ..................!!! // आपका हाथ!!!
पृष्ठ ४४
शांक्स: कुछ भी नहीं // एक हाथ तुह्मरे जान से // कीमती नहीं हैं ||
लूफी: उवा........!!..........!!........उ.....!! // उवाआआआआआआआआआआआआआआआ
बयान: शांक्स लूफी को अपने साथ नहीं लेजाने का कारण // यह हे की समुद्र भयानक जगह हैं // उसको इंसान नियंत्रण नहीं कर सकता // पर लूफी शांक्स की महानता समझता हैं // और उस की तरह भविष्य में बनना चाहता हैं ||
पृष्ठ ४५
लूफी: अब सचमे जा रहे हो?
शांक्स: हाँ // हम यहाँ काफी समय से रह चुके हैं || अब चलने की समय आ गया हैं || // क्या तुम निराश हो?
लूफी: हाँ..., पर // में इसबार तुह्मे मुझे अपने साथ लेजाने केलिए नहीं कहूँगा // में अपने बल-बूते पर एक डाकू बनूंगा!
शांक्स: हेह, अगर तुम भिक मांगते भी, में तुह्मे नहीं लेजाता // तुह्मरे पास डाकू बनने के गुण नहीं हैं!!!
लूफी: नहीं, मेरे पास हैं!!!! // एक दिन, में अपने आप केलिए एक कर्मीदल ढूंढूंगा जो तुह्मरे कर्मीदल जितना ताकतवर हैं!! // और फिर, में इस दुनियां का सबसे बड़ा खजाना ढूंढूंगा!
पृष्ठ ४६
लूफी: उसके बाद में डाकूओं का राजा बनूँगा!!!
शांक्स: ओह, तो तुम हमसे भी बहेतर बनना चाहते हो, क्या? // ......... // तो फिर, ठीक हैं...// यह टोपी // तुह्मारेलिये मेरा तोफा हैं ||
लूफी: !
पृष्ठ ४७
शांक्स: यह मेरी सबसे पसंदीदा टोपी हे, जानते हो ||
लूफी: ..............!!
शांक्स: जब तुम भविष्य में डाकूओं के रजा बनोगे, // तब उस टोपी को मुझे लौटा देना ||
बेन: लूफी बहुत बड़ा डाकू बनेगा ||
शांक्स: जनता हूँ // क्यों की, लूफी मुझे अपनी बचपन याद दिलाता हैं// लंगर को ऊपर खींचो!!!! // रवाना होजाओ!!!
बयान: एइसे, लूफी की साहसिक यात्रा // १० साल बाद शुरू हुआ ||
पृष्ठ ४८
बयान: १० साल के बाद ||
माकिनो: आखिरमे उसने अपनी यात्रा शुरू खर्हीलिया, महापौर // उसकी याद आयेगी ||
महापौर: वो सिर्फ इस शहर की इज्जत खराब करेगा!
लोग: मैंने कभी नहीं सोचा की वो सच में अपनी यात्रा शुरू करेगा ||
लूफी: आह... // आज मौसम भडिया हैं!
*गावक गावक*
पृष्ठ ४९
वहीँ जानवर: ग्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र........
लूफी: उवः! // में तेरा इंतजार कर रहा था, समुद्री जानवर!! // आज तुह्मरे लिए बदकिस्मत दिन हैं // में तुह्मे अपने १० साल की मेहनत दिखाने वाला हूँ! // रब्बर......
पृष्ठ ५०
.....पिस्तौल!!!
पृष्ठ ५१
लूफी: कैसा लगा? बेवकूफ मछली! // हेह! // हिहिहिही...!! // मुझे पहले कुछ दोस्तों को ढूँढना हैं // में आशा करता हूँ की में कम से कम १० दोस्तों को ढूंढूंगा!! // और फिर, मुझे एक डाकू झंडा भी बनाना हैं!!
पृष्ठ ५२
लूफी: ठीके, चलो चलते हैं! // में बनूंगा // डाकूओं का राजा!!!!
बयान: बिना किसी दोस्तों के, लूफी एक छोटी सी नाव में रवाना होता हैं !! // बहुत लंबी यात्रा शुरू हुआ हैं!!!
Thanks for reading it if you did.
नोट्स: यह यात्रा ७०० पाठ से भी लंबी हैं :P
आशा करता हूँ की आप लोगों को मेरी अनुवादन पसंद आयी होगी ||
Have you shown your appreciation today? Click the thanks button or write your appreciation below!
4 members and 4 guests have thanked max mahito for this release
hokageji, RyuzakiRen, madman freak, Lazimshahad







Login or register to comment
Benefits of Registration:
* Interact with hundreds of thousands of other Manga Fans and artists.
* Upload your own Artwork, Scanlations, Raws and Translations.
* Enter our unique contests in order to win prizes!
* Gain reputation and become famous as a translator/scanlator/cleaner!
And as of mistakes, yeah, I know.I'm not a native of India.I've learned the language satisfactorily just 2 months back.So, yeah, wannah help me by proofreadin or TLC?
agar JAPANESE SE HINDI TRANSLATE KAR RAHE HO TO BADIYA HAI varna har koi english padna janta hai aaj kal
kash one piece / naruto hindi mein karte aur log padte to mazza aata :)
The language is a little too formal though, a non fan reader might think of it like a mahabharat script... maybe i should translate it in bambaiyaaa....
just kidding, well done max